4th kalima in Hindi – कलेमा तवहीद (कलेमा अल्लाह को एक मानने का)

बिस्मिल्ला हिर्रहमा निर्रहीम
ला इलाहा इल्लल्लाहु वह दहु ला शरीका लहु लहुल मुल्कु व लहुल हम्दु युह्यी व युमीतु व हुवा हय्यु ला यमुतु अबदन अबदा जुल जलाली वल इकराम बियदिहिल खैर ​व हुवा अला कुल्ली शय्इन कदिर


अनुवाद

अल्लाह के सिवा कोइ मा’बूद नहीं, वो एक है, उसका कोइ शरीक नहीं, उसीके लिये बादशाही है, उसीके लिये तारीफ है, वही ज़िंदा करता है, वही मौत देता है, वो ज़िंदा है, उसे कभी मौत नहीं आएगी, वही शान और ताज़ीम का मालिक है, भलाई उसके हाथ में है और वो हर चीज़ पर कादिर है.


1st kalima in Hindi – कलेमा तय्यब (कलमा पाकी का)
2nd kalima in Hindi – कलेमा शहादत (कलेमा गवाही का)
3rd kalima in Hindi – कलेमा तमजीद (कलेमा बुज़ुरगी का)
5th kalima in Hindi – कलेमा अस्तग़फार (कलेमा तोबा करने का)
6th kalima in Hindi – कलेमा रद्दे कुफ्र (कलेमा कुफ्र बेज़ारी का)


4th kalima in Hindi – कलेमा तवहीद (कलेमा अल्लाह को एक मानने का)
5 (100%) 1 vote
Share This

Leave a Comment

Read previous post:
5th kalima in Hindi – कलेमा अस्तग़फार (कलेमा तोबा करने का)

बिस्मिल्ला हिर्रहमा निर्रहीम अस्तग्फिरूउल्लाह रब्बी मिन कुल्ली ज़म्बीन अज़नब्तहु अमदन अव खतअन सीररान अव अलानीयतन व अतुबु इलय्ही मीन अज़्ज़नबील्लज़ी...

Close