Laylat-ul Qadr, The Night of Power

Laylat-ul Qadr (The Night of Power) is narreted in the Quran as it is better than a thousand months (Surah Al-Qadr 97: ayah 3). This is the special night Among the nights of Ramadan. Good deeds performed on that single night are equal to those performed over a thousand months. In this night (27th of … Read moreLaylat-ul Qadr, The Night of Power

Tasbih of Tarawih during the month of Ramadan

The Taraweeh Prayer is Sunnah of the Prophet Muhammad (peace be upon him) during the month of Ramadan between Salat Al-Isha and Salat Al-Witr. All Sunni Muslims Should Perform twenty raka’at of Salat Al-Taraweeh in congregation. Recite the following Tasbih three times after every four raka’at of Salat Al-Taraweeh. Recite the following Tasbih three times … Read moreTasbih of Tarawih during the month of Ramadan

रमज़ानुल मुबारक की मखसूद दुआए

शहरीकी निय्यत नवयतो अन असुमो गदनलिल्लाहे तआला मीन फर्जे रमजान हाज़ा इफ्तारकी दुआ अल्लाहुम्मा लका सुमतो व बेका आमन्तो व अलयका तवक्कलतो व अला रिज़्क़ेका अफ्तरतो फतकब्बल मिन्नी अय अल्लाह मुझे लैलतुल कद्र नसीब फरमा। अय अल्लाह मुझे कामिले ईमान नसीब फरमा और पूरी हिदायत अता फरमा। अय अल्लाह कलमा ए तैय्यब जबान पर जारी फरमा। … Read moreरमज़ानुल मुबारक की मखसूद दुआए

रमज़ान महीने की तराविह की तस्बीह

​ रमज़ान के मुबारक महीने में नमाज़ ए इशा के बाद वितरों से पेहले दो(२)-दो(२) रकअत की नीयत से बीस(२०) रकाअत तराविह की सुन्नत नमाज़ पढ़ी जातीहै ये नमाज़ जमाअत के साथ पढ़ना अफज़ल है। तरावीहमें हर चार(४) रकअत के बाद तीन(३)-तीन(३) मर्तबा निचे दी गए तस्बीह पढ़े । पहली चार(४) रकअत के बाद ये तस्बीह तीन बार पढ़े (४ रकअत)  अश्हदो अल्लाइलाहा इल्लल्लाहो वहदहु लाशरीकलहु व अश्हदो अन्ना मुहम्मदन … Read moreरमज़ान महीने की तराविह की तस्बीह