
अजान के बाद की दुआ क्या है? इसका तर्जुमा क्या है? अज़ान का जवाब कैसे दें? इसकी फ़ज़ीलत क्या है? ये सब हम इस पोस्ट मे आपको बताएँगे|
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अजान क्या है? (What is Azan?)
अजान वो चंद अलफ़ाज़ हैं जिन्हें हम हर रोज़ पांच बार सुनते हैं, क्यूँ की पाँचो वकति की नमाज़ से पहले अज़ान दी जाती है| अज़ान का इस्लाम में बहुत बड़ा मकाम है| Azan की आवाज पूरी दुनिया मे सबसे ज्यादा गूंजने वाली आवाज है| चाहे शहर हो, गांव हो, या कोई भी आबादी हो, जब भी नमाज़ कायम होती है तो सबसे पहले अज़ान दे कर नमाज की दावत दी जाती है| अज़ान का मतलब मुसलमानो को नमाज़ के लिए मस्जिद मे बुलाना है|
अज़ान का जवाब कैसे दें?
जब भी अज़ान हो रही हो तो हमे ध्यान से सुनना है और अज़ान सुनते वक़्त बाते नहीं करना चाहिए| और सारे दुनियावी काम छोड़ देना चाहिए| यहाँ तक की अगर हम क़ुरान शरीफ पढ़ रहे हो तो क़ुरान शरीफ बंद करके हमें अज़ान सुनने का हुक्म है|
जब भी हम अज़ान सुने तो मुअज़्ज़िन (अज़ान देने वाले) की अज़ान का जवाब दे|
हदीस: सय्यदना अबू सईद ख़ुज़री रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: जब तुम अज़ान सुनो तो मुअज़्ज़िन जो कहे वही कहो।
अज़ान के अल्फाज़ों के जवाब
अल्लाहु अक्बर, अल्लाहु अक्बर
जवाब: अल्लाहु अक्बर, अल्लाहु अक्बर
अल्लाहु अक्बर, अल्लाहु अक्बर
जवाब: अल्लाहु अक्बर, अल्लाहु अक्बर
अशहदु अल लाइलाहा इल्लल्लाह
जवाब: अशहदु अल लाइलाहा इल्लल्लाह
अशहदु अल लाइलाहा इल्लल्लाह
जवाब: अशहदु अल लाइलाहा इल्लल्लाह
अशहदु अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाह
जवाब: अशहदु अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम)
अशहदु अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाह
जवाब: अशहदु अन्ना मुहम्मदर रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम)
हय्या अलस सलाह
जवाब: ला हवला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अलिययिल अज़ीम
हय्या अलस सलाह
जवाब: ला हवला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अलिययिल अज़ीम
हय्या अलल फ़लाह
जवाब: ला हवला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अलिययिल अज़ीम
हय्या अलल फ़लाह
जवाब: ला हवला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाहिल अलिययिल अज़ीम
अस्सलातु खैरुम मिनन नौम
जवाब: अस्सलातु खैरुम मिनन नौम
अस्सलातु खैरुम मिनन नौम
जवाब: अस्सलातु खैरुम मिनन नौम
अल्लाहु अक्बर, अल्लाहु अक्बर
जवाब: अल्लाहु अक्बर, अल्लाहु अक्बर
ला इलाहा इल्लल्लाह
जवाब: ला इलाहा इल्लल्लाह
और इसके बाद, अज़ान के बाद की दुआ पढ़ें।
अजान के बाद की दुआ (Azan ke baad ki Dua)
अजान के बाद की दुआ अरबी में
اَللّٰہُمَّ رَبَّ ھٰذِہِ الدَّعْوَةِ التَّآمَّةِ وَالصَّلٰوةِ الْقَآئِمَةِ اٰتِ مُحَمَّدَنِ الْوَسِیْلَةَ وَالْفَضِیْلَةَوَالدَّرَجَتَہ الرَّفِیٌعَتَہ وَابْعَثْہُ مَقَامًا مَّحْمُوْدَنِ الَّذِیْ وَعَدْتَّہ وَر زُکنا شَفاعَتَھُ یَوٌمَ الٌقِیٰمَتہِ اِنَّکَ لَا تُخٌلِفُ الٌمِیٌعَاد
अजान के बाद की दुआ हिन्दी में
अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़ीहिल दावती-त-ताम्मति वस्सलातिल कायिमति आती मुहम्मदानिल वसिलता वल फ़ज़ीलता वद्दरजतल रफ़ीअता वब’असहू मक़ामम महमूदा निल्ल्जी व्’अत्तहू वर ज़ुक्ना शफ़ाअतहु यौमल क़ियामती इन्नका ला तुखलिफुल मीआद |
अजान के बाद की दुआ का तर्जुमा
ए अल्लाह ! ए परवरदिगार इस पूरी पुकार और कायम होने वाली नमाज़ के रब हज़रत मुहम्मद स.अ. को वसीला और फ़ज़ीलत और बुलंद दर्ज़ा अता फरमा और उनको मक़ामे महमूद में खड़ा कर जिसका तूने उनसे वादा किया और हमें कयामत के दिन उनकी शफाअत से बहरामंद कर। बेशक तू वादा खिलाफी नहीं करता|
6 कलमा हिंदी में, अनुवाद के साथ
अजान के बाद की दुआ की फ़ज़ीलत (Azan ke baad ki Dua ki Fazilat)
हुजूरे अकरम सल्ललल्लाहू अलैहि व् सल्लम ने फरमाया कि कयामत के दिन अजान देने वाला बड़ा रुतबा पायेगा और जितनी चीजे अजान की आवाज सुनेगी, कयामत के दिन अजान देने वाले की गवाही देंगी जहा तक अजान की आवाज पहुँचती है उतनी ही उस पर मगफिरत होती है और दोजख की निजात होती है Reference