दुआए आशूरा – १० मुहर्रम

हजरत जैनुल आबेदीन रदिअल्लाहु अन्हु से रिवायत है की जो मुसलमान आशूरा के दिन यानि १० मुहर्रम को सूरज निकलने से लेकर सूरज ढलने तक सच्चे दिलसे दुआए आशूरा पढ़ेगा वह पुरे साल मौत के सदमेँसे इन्शाअल्लाह महफूज़ रहेगा और अगर मौत आनिहि है तो अजीब इत्तेफाक है उस साल दुआए आशूरा पढ़नेकी तौफीक न … Read more

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