Tasbih of Tarawih during the month of Ramadan

The Taraweeh Prayer is Sunnah of the Prophet Muhammad (peace be upon him) during the month of Ramadan between Salat Al-Isha and Salat Al-Witr. All Sunni Muslims Should Perform twenty raka’at of Salat Al-Taraweeh in congregation. Recite the following Tasbih three times after every four raka’at of Salat Al-Taraweeh. Recite the following Tasbih three times … Read moreTasbih of Tarawih during the month of Ramadan

रमज़ानुल मुबारक की मखसूद दुआए

शहरीकी निय्यत नवयतो अन असुमो गदनलिल्लाहे तआला मीन फर्जे रमजान हाज़ा इफ्तारकी दुआ अल्लाहुम्मा लका सुमतो व बेका आमन्तो व अलयका तवक्कलतो व अला रिज़्क़ेका अफ्तरतो फतकब्बल मिन्नी अय अल्लाह मुझे लैलतुल कद्र नसीब फरमा। अय अल्लाह मुझे कामिले ईमान नसीब फरमा और पूरी हिदायत अता फरमा। अय अल्लाह कलमा ए तैय्यब जबान पर जारी फरमा। … Read moreरमज़ानुल मुबारक की मखसूद दुआए

रमज़ान महीने की तराविह की तस्बीह

​ रमज़ान के मुबारक महीने में नमाज़ ए इशा के बाद वितरों से पेहले दो(२)-दो(२) रकअत की नीयत से बीस(२०) रकाअत तराविह की सुन्नत नमाज़ पढ़ी जातीहै ये नमाज़ जमाअत के साथ पढ़ना अफज़ल है। तरावीहमें हर चार(४) रकअत के बाद तीन(३)-तीन(३) मर्तबा निचे दी गए तस्बीह पढ़े । पहली चार(४) रकअत के बाद ये तस्बीह तीन बार पढ़े (४ रकअत)  अश्हदो अल्लाइलाहा इल्लल्लाहो वहदहु लाशरीकलहु व अश्हदो अन्ना मुहम्मदन … Read moreरमज़ान महीने की तराविह की तस्बीह

शब-ए-बारात में पढ़नेकी नमाज़ें और इबादतें

मगरीबकी नमाज़के बाद पढ़नेवाली नवाफिल और उसकी फ़ज़ीलत रकअत सूरह ए फातिहा (अलहम्दो शरीफ) सूरह ए इख्लास (कुल्होवल्लाह शरीफ) नवाफिलकी निय्यत सूरह यासीन (यासीन शरीफ​) दुआए निस्कुल शाबान इन नवाफिल नमाज़ की फ़ज़ीलत, बरकत और सवाब 2 1 3 दराज़िए उम्र 1 1 इस नमाज़की बरकतसे अल्लाह तआला उम्रमें बरकत अता फरमाएगा 2 1 3 … Read moreशब-ए-बारात में पढ़नेकी नमाज़ें और इबादतें

99. Surah Al-Zalzalah

Recite Surah 98. Surah Al-Baiyina Recite Surah Al-Zalzalah when sighting the new moon of Islamic fourth month Rabi ul Akhir then see Goat. इस्लामी चौथा महीना रबीउल आख़िर का चाँद देखकर सुरह ए ज़िलज़ाल पढ़े और बकरा देखें ताके 1000 गुलाम आज़ाद करनेका सवाब मिले। इन्शाअल्लाह Recite Surah 100. Surah Al-Adiyat

​तूफा़ने नूह और एक बूढी औरत

​हज़रत नूह अलैहिस्सलाम ने बहुक्मे इलाही जब कश्ती बनाना शुरु की तो एक मोमिन बुढिया ने हज़रत नूह अलैहिस्सलाम से पूछा कि आप यह कश्ती क्यों बना रहे हो? आपने फ़रमाया बडी बहन! एक बहुत बड़ा पानी का तूफान आने वाला है जिसमें सब काफिर हलाक हो जायेंगे ​और मोमिन इस कश्ती के ज़रिये बच … Read more​तूफा़ने नूह और एक बूढी औरत